Front Introduction

        "आग्नेय सुपथा राये" ईषोपनिपद से लिया गया यह श्रुतिवचन शासकीय गुण्डाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय का आदर्शवाक्य है। अपने आदर्शवाक्य को अंगीकृत करते हुए शासकीय गुण्डाधूर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोण्डागाँव की स्थापना सन् 1982 में अनुसूचित क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के सर्वागीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए की गई थी। स्वंय के भवन के अभाव में महाविद्यालय का संचालन शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोण्डागाँव परिसर में प्रारंभ किया गया था।

        इसके पश्चात् सन् 1985 से महाविद्यालय का संचालन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर स्थित भवन से किया गया। इसके पश्चात् सन् 1989 से महाविद्यालय का संचालन आदिवासी विश्रामगृह कोण्डागाँव से संचालित रहा।

         वर्तमान प्रांगण में स्थित स्वयं के भवन में महाविद्यालय का संचालन सन् 1995 से शुरू हुआ।

       सम्पूर्ण महाविद्यालय परिसर लगभग 20 एकड़ भूमि में फैला हुआ है जिसमें महाविद्यालय के मुख्यभवन के अतिरिक्त नवनिर्मित रूसा भवन, यूजीसी द्वारा निर्मित सामान्य महिला छात्रावास भवन एवं दो अन्य पोस्ट मेट्रिक छात्रावास भवन अब स्थित है। इसके साथ ही महाविद्यालय परिसर में छात्रों की खेल प्रतिभा के उन्नयन हेतु विस्तृत क्रीडा प्रांगण, जिसमें बास्केटबाॅल कोर्ट सम्मिलित है, महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों एवं छात्रों हेतु जिम भवन, एन.एस.एस. तथा एन.सी.सी. स्टोर रूम स्थित है।

       महाविद्यालय मुख्य द्वार के ठीक सामने अमर शहीद वीर गुण्डाधूर की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है जिनके नाम पर ही छ.ग. शासन द्वारा दिनांक 13 जून 2008 को महाविद्यालय का नाम शासकीय गुण्डाधूर महाविद्यालय कोण्डागाँव किया गया। महाविद्यालय की स्थापना के समय केवल स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में क्रमशः बी.ए., बी.एससी. तथा बी.काॅम की कक्षाएं प्रारंभ की गई थी।

       सन् 1986 में शासन से स्वीकृति प्राप्ति के पश्चात् स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र में एम.ए. की कक्षाएं प्रारंभ हुई। इसी तारतम्य में स्नातकोत्तर स्तर पर लगातार विभिन्न विषयों को शासन द्वारा प्रारंभ करने की अनुमति मिलती गई, दिनांक 07 सितम्बर 2016 को महाविद्यालय का उन्नयन स्नातक महाविद्यालय से स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ और वर्तमान में स्नातक स्तर की पूर्व संचालित कक्षाओं के अतिरिक्त बी.सी.ए., बी.ए. (होमसाईंस), बी.एससी. (कम्प्यूटर साईंस) एवं स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र के साथ-साथ हिन्दी भूगोल, राजनीति विज्ञान, इतिहास विषयों में एम.ए. तथा गणित व रसायन शास्त्र विषय में एम.एससी. तथा एम.काॅम की कक्षाएं संचालित है।


         वर्तमान प्रांगण में स्थित स्वयं के भवन में महाविद्यालय का संचालन सन् 1995 से शुरू हुआ।

       सम्पूर्ण महाविद्यालय परिसर लगभग 20 एकड़ भूमि में फैला हुआ है जिसमें महाविद्यालय के मुख्यभवन के अतिरिक्त नवनिर्मित रूसा भवन, यूजीसी द्वारा निर्मित सामान्य महिला छात्रावास भवन एवं दो अन्य पोस्ट मेट्रिक छात्रावास भवन अब स्थित है। इसके साथ ही महाविद्यालय परिसर में छात्रों की खेल प्रतिभा के उन्नयन हेतु विस्तृत क्रीडा प्रांगण, जिसमें बास्केटबाॅल कोर्ट सम्मिलित है, महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों एवं छात्रों हेतु जिम भवन, एन.एस.एस. तथा एन.सी.सी. स्टोर रूम स्थित है।

       महाविद्यालय मुख्य द्वार के ठीक सामने अमर शहीद वीर गुण्डाधूर की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है जिनके नाम पर ही छ.ग. शासन द्वारा दिनांक 13 जून 2008 को महाविद्यालय का नाम शासकीय गुण्डाधूर महाविद्यालय कोण्डागाँव किया गया। महाविद्यालय की स्थापना के समय केवल स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में क्रमशः बी.ए., बी.एससी. तथा बी.काॅम की कक्षाएं प्रारंभ की गई थी।

       सन् 1986 में शासन से स्वीकृति प्राप्ति के पश्चात् स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र में एम.ए. की कक्षाएं प्रारंभ हुई। इसी तारतम्य में स्नातकोत्तर स्तर पर लगातार विभिन्न विषयों को शासन द्वारा प्रारंभ करने की अनुमति मिलती गई, दिनांक 07 सितम्बर 2016 को महाविद्यालय का उन्नयन स्नातक महाविद्यालय से स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हुआ और वर्तमान में स्नातक स्तर की पूर्व संचालित कक्षाओं के अतिरिक्त बी.सी.ए., बी.ए. (होमसाईंस), बी.एससी. (कम्प्यूटर साईंस) एवं स्नातकोत्तर स्तर पर अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र के साथ-साथ हिन्दी भूगोल, राजनीति विज्ञान, इतिहास विषयों में एम.ए. तथा गणित व रसायन शास्त्र विषय में एम.एससी. तथा एम.काॅम की कक्षाएं संचालित है।